story

जादुई छड़ी

एक बार की बात है सोनू अपने घर में आराम कर रहा था। अचानक उसके कमरे की खिड़की पर बिजली चमकी। सोनू घबराकर उठ गया। उसने देखा कि खिड़की के पास एक बुढ़िया हवा में उड़ रही थी। बुढ़िया खिड़की के पास आई और बोली सोनू तुम अच्छे लड़के हो। इसलिए मैं तुम्हे कुछ देना चाहती हूं। सोनू यह सुनकर बहुत खुश हुआ।

बुढ़िया ने सोनू को एक छड़ी देते हुए कहा, सोनू ये जादू की छड़ी है। तुम इसे जिस भी चीज की तरफ मोड़कर दो बार घुमाओगे वह चीज गायब हो जाएगी। अगले ही दिन सोनू वह छड़ी अपने स्कूल ले गया। वहां उसने मस्तीग करना शुरू किया। सोनू ने स्कूेल में भी टीचर की किताब गायब कर दी फिर कई बच्चों की रबर और पेंसिलें भी गायब कर दीं। किसी को भी पता न चला कि यह सोनू की छड़ी की करामात है।

जब वह घर पहुंचा तब भी उसकी शरारतें बंद नहीं हुईं। सोनू को इस खेल में बड़ा मजा आ रहा था। किचन के दरवाजे के सामने एक कुर्सी रखी थी। सोनू ने सोचा, क्यों न मैं इस कुर्सी को गायब कर दूं। जैसे ही उसने छड़ी घुमाई वैसे ही सोनू की मां किचन से बाहर निकलकर कुर्सी के सामने से गुजरी और कुर्सी की जगह सोनू की मां गायब हो गई।



सोनू घबरा गया और रोने लगा। इतने में उसके सामने वह बुढ़िया आ गई। सोनू ने बुढ़िया को सारी बात बताई। बुढ़िया ने सोनू से कहा, मैं तुम्हारी मां को वापस ला सकती हूं, लेकिन उसके बाद मैं तुमसे ये जादू की छड़ी की वापस ले लूंगी।

सोनू रोते हुए बोला, तुम्हें जो भी चाहिए ले लो, लेकिन मुझे मेरी मां वापस ला दो। तब बुढ़िया ने एक जादुई मंत्र पढ़ा और देखते ही देखते सोनू की मां वापस आ गई। सोनू ने मुड़कर बुढ़िया का शुक्रिया कहना चाहा, लेकिन तब तक बुढ़िया बहुत दूर बादलों में जा चुकी थी। सोनू अपनी मां को वापस पाकर बहुत खुश हुआ और दौड़कर गले से लग गया।